28 जुलाई 2026 : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) नीति के विरोध में 30 जुलाई तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। बार एसोसिएशन की बैठक में इस संबंध में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए।
बार एसोसिएशन का कहना है कि LADC नीति से अधिवक्ताओं के पेशेवर हित और न्यायिक व्यवस्था पर प्रभाव पड़ सकता है। इसी मुद्दे पर सदस्यों ने विस्तृत चर्चा के बाद सामूहिक रूप से कार्य स्थगित रखने का फैसला लिया।
तीन प्रस्ताव हुए पारित
बैठक में पारित प्रस्तावों में LADC नीति पर पुनर्विचार की मांग, संबंधित प्राधिकरण के समक्ष बार का पक्ष रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर आगे भी आंदोलन जारी रखने जैसे मुद्दे शामिल हैं। बार एसोसिएशन ने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
न्यायिक कार्य रहेगा प्रभावित
बार के कार्य से विरत रहने के फैसले के कारण कई मामलों की सुनवाई प्रभावित होने की संभावना है। हालांकि, आवश्यक और अत्यावश्यक मामलों में अदालत की कार्यवाही संबंधित न्यायिक निर्देशों के अनुसार जारी रह सकती है।
संवाद के जरिए समाधान की उम्मीद
बार एसोसिएशन ने कहा कि वह इस मुद्दे का समाधान बातचीत और सकारात्मक संवाद के माध्यम से चाहती है। साथ ही संबंधित अधिकारियों से नीति पर पुनर्विचार करने और अधिवक्ताओं की चिंताओं को गंभीरता से लेने की अपील की गई है।
