27 जुलाई 2026 : पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना ने किसानों को सलाह दी है कि मौजूदा समय में अधिक तापमान और कम आर्द्रता (नमी) के कारण फलदार पौधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने कहा कि यदि समय रहते उचित देखभाल नहीं की गई, तो फलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बढ़ते तापमान और शुष्क मौसम के कारण पौधों में नमी की कमी, फल झड़ने, पत्तियों के मुरझाने और विकास रुकने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए किसानों को नियमित निगरानी और वैज्ञानिक तरीके से बागों का प्रबंधन करने की सलाह दी गई है।
सिंचाई और नमी बनाए रखने पर जोर
PAU के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से कहा कि फलदार पौधों की आवश्यकता के अनुसार समय पर सिंचाई करें। पौधों के आसपास मल्चिंग (Mulching) करने से मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है और अत्यधिक गर्मी का असर कम होता है।
पौधों की नियमित निगरानी जरूरी
विशेषज्ञों ने बताया कि अधिक तापमान के दौरान कीट और रोगों का खतरा भी बढ़ सकता है। किसानों को समय-समय पर पौधों का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही दवाइयों का प्रयोग करना चाहिए।
वैज्ञानिक सलाह अपनाने की अपील
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों से मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने की अपील की है। विश्वविद्यालय का कहना है कि सही समय पर देखभाल, संतुलित पोषण और उचित सिंचाई से फलदार पौधों को गर्म मौसम के दुष्प्रभाव से बचाया जा सकता है और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकता है।
