23 जुलाई 2026 : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ज़ीरकपुर-पंचकूला बाइपास परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को परियोजना का दोबारा सर्वे (Re-survey) कराने और सभी संभावित विकल्पों का अध्ययन करने को कहा है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि बाइपास के अंतिम रूट का निर्धारण करते समय स्थानीय परिस्थितियों, प्रभावित आबादी, पर्यावरणीय पहलुओं और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखा जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने NHAI को निर्देश दिया कि वह उपलब्ध सभी विकल्पों का निष्पक्ष मूल्यांकन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
सभी विकल्पों का होगा परीक्षण
अदालत ने स्पष्ट किया कि परियोजना के क्रियान्वयन से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि चुना गया मार्ग तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से सबसे उपयुक्त हो। इसके लिए पुनः सर्वेक्षण कर वैकल्पिक मार्गों की व्यवहार्यता का भी आकलन किया जाएगा।
प्रभावित लोगों की चिंताओं पर भी ध्यान
सुनवाई के दौरान परियोजना से प्रभावित लोगों की ओर से उठाई गई आपत्तियों और चिंताओं का भी उल्लेख किया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ नागरिकों के हितों और उचित प्रक्रिया का पालन भी आवश्यक है।
NHAI को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने NHAI को निर्देश दिया कि दोबारा सर्वे के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में यह भी बताया जाए कि किन-किन विकल्पों पर विचार किया गया और अंतिम निष्कर्ष किस आधार पर निकाला गया।
यह बाइपास परियोजना ज़ीरकपुर और पंचकूला के बीच बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित है। अब अदालत के निर्देशों के बाद परियोजना के अगले चरण की प्रक्रिया पुनः सर्वेक्षण और तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर आगे बढ़ेगी।
