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हरियाणा में गुलाबी सुंडी की समय से पहले दस्तक, कपास उत्पादक किसानों की बढ़ी चिंता

23 जुलाई 2026 :  हरियाणा में गुलाबी सुंडी (पिंक बॉलवर्म) की समय से पहले मौजूदगी ने कपास उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह कीट कपास की फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है और किसानों की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

राज्य के कई कपास उत्पादक क्षेत्रों से गुलाबी सुंडी के शुरुआती लक्षण मिलने की सूचना के बाद कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने खेतों की नियमित निगरानी करने और कीट के शुरुआती प्रकोप की पहचान होते ही वैज्ञानिक तरीकों से नियंत्रण उपाय अपनाने का आग्रह किया है।

कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी

कृषि अधिकारियों ने किसानों से कहा है कि वे नियमित रूप से फसल का निरीक्षण करें और फेरोमोन ट्रैप सहित अन्य अनुशंसित तकनीकों का उपयोग करें। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर केवल कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही कीटनाशकों का प्रयोग करें, ताकि अनावश्यक खर्च और पर्यावरणीय नुकसान से बचा जा सके।

समय पर नियंत्रण जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि गुलाबी सुंडी का शुरुआती प्रकोप समय रहते नियंत्रित कर लिया जाए तो फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है। उन्होंने किसानों को खेतों में संक्रमित टिंडों की पहचान करने और उचित प्रबंधन अपनाने की सलाह दी है।

किसानों से सतर्क रहने की अपील

कृषि विभाग ने कहा है कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए कीट का प्रकोप बढ़ सकता है। इसलिए किसान किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी कृषि अधिकारी या कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें।

विभाग ने भरोसा दिलाया कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसानों को समय-समय पर आवश्यक सलाह एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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