22 जुलाई 2026 : एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि जमानत पर सुनवाई के दौरान पीड़िता का बयान पर्याप्त साक्ष्यात्मक महत्व रखता है और उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जमानत याचिका पर विचार करते समय पीड़िता के बयान का महत्व अत्यधिक होता है। इस चरण पर अदालत का उद्देश्य पूरे मामले की गहराई से सुनवाई करना नहीं, बल्कि उपलब्ध प्रथमदृष्टया तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेना होता है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि पीड़िता का बयान प्रथम दृष्टया विश्वसनीय प्रतीत होता है, तो जमानत पर निर्णय लेते समय उसे महत्वपूर्ण आधार माना जा सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय मुकदमे की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर ही होगा।
अदालत ने यह भी कहा कि प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर ही जमानत पर फैसला लिया जाता है और किसी एक सिद्धांत को सभी मामलों पर समान रूप से लागू नहीं किया जा सकता।
इस टिप्पणी को जमानत संबंधी मामलों में पीड़ितों के अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
