22 जुलाई 2026 : चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी में शेवरॉन (Chevron) शैली की पगड़ी पहने एक महाराजा का दुर्लभ चित्र इतिहास और कला प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह चित्र न केवल शाही वैभव को दर्शाता है, बल्कि उस दौर की पगड़ी शैली, पहनावे और सांस्कृतिक विरासत की भी झलक प्रस्तुत करता है।
इतिहासकारों के अनुसार, चित्र में दिखाई गई विशिष्ट शेवरॉन डिज़ाइन वाली पगड़ी तत्कालीन राजसी परंपराओं और शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस प्रकार की पगड़ी अपने अनोखे पैटर्न और शाही पहचान के कारण विशेष महत्व रखती थी।
प्रदर्शनी में आए दर्शकों ने चित्र की कलात्मक बारीकियों और ऐतिहासिक महत्व की सराहना की। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे दुर्लभ चित्र पंजाब और उत्तर भारत की राजसी विरासत को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर से परिचित कराना है। प्रदर्शनी में शाही इतिहास, पारंपरिक परिधानों और विरासत से जुड़ी कई अन्य दुर्लभ कलाकृतियां भी प्रदर्शित की गई हैं।
यह प्रदर्शनी इतिहास, कला और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए एक खास आकर्षण बनी हुई है।
