21 जुलाई 2026 : पंजाब के लुधियाना में आर्थिक तंगी के कारण कई मेधावी छात्र कॉलेज में दाखिले को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। बढ़ती फीस, शिक्षा से जुड़े अन्य खर्च और परिवारों की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते अनेक छात्र अपने उच्च शिक्षा के सपनों और आर्थिक मजबूरियों के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि कॉलेज की ट्यूशन फीस के अलावा किताबें, हॉस्टल, परिवहन और अन्य शैक्षणिक खर्च उठाना कई परिवारों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में कई छात्र या तो दाखिला टालने पर मजबूर हैं या कम खर्च वाले विकल्प तलाश रहे हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक कारणों से प्रतिभाशाली छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होना चिंता का विषय है। उनका कहना है कि छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और सरकारी सहायता योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है ताकि कोई भी छात्र केवल आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।
सामाजिक संगठनों ने भी जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए वित्तीय सहायता और छात्रवृत्ति योजनाओं के विस्तार की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
उच्च शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ ही कई परिवार उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति या अन्य सहायता के माध्यम से राहत मिलेगी, ताकि उनके बच्चों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।
