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हरियाणा में ‘खेत बचाओ’ अभियान की सफलता पर छिड़ी बहस, कृषि और विकास के बीच संतुलन बना बड़ा मुद्दा

18 जुलाई 2026  हरियाणा में ‘खेत बचाओ’ अभियान को मिली सफलता के बाद राज्य में कृषि भूमि संरक्षण और विकास परियोजनाओं के बीच संतुलन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। अभियान का उद्देश्य उपजाऊ कृषि भूमि को अनियोजित गैर-कृषि उपयोग से बचाना और खेती योग्य जमीन का संरक्षण करना है।

सरकार का कहना है कि अभियान के माध्यम से कृषि भूमि के अनावश्यक उपयोग पर नियंत्रण लगाने और किसानों के हितों की रक्षा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही कृषि उत्पादन बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

वहीं, उद्योग और शहरी विकास से जुड़े कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते औद्योगीकरण और शहरीकरण के बीच विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराना भी जरूरी है। उनका कहना है कि कृषि संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलित नीति अपनाना समय की मांग है।

किसान संगठनों का एक वर्ग अभियान का समर्थन करते हुए इसे कृषि भूमि बचाने की दिशा में सकारात्मक पहल बता रहा है। उनका मानना है कि उपजाऊ जमीन का संरक्षण भविष्य की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका के लिए आवश्यक है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य में भूमि उपयोग से जुड़ी नीतियों पर व्यापक संवाद की आवश्यकता है। उनका मानना है कि ऐसी नीतियां बनाई जानी चाहिए जो एक ओर किसानों के हितों की रक्षा करें और दूसरी ओर उद्योग, बुनियादी ढांचे तथा आर्थिक विकास की जरूरतों को भी संतुलित ढंग से पूरा करें।

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