16 जुलाई 2026 पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के बीच स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उनकी स्थिति अब गंभीर (Critical) चरण में पहुंच चुकी है और यदि अनशन लंबे समय तक जारी रहा तो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।
चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न लेने से शरीर की ऊर्जा तेजी से कम होती है, जिससे हृदय, किडनी, लीवर और अन्य महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। डॉक्टरों ने वांगचुक को जल्द चिकित्सकीय देखभाल लेने और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
सोनम वांगचुक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन और अनशन कर रहे हैं। उनके समर्थन में कई सामाजिक संगठनों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने भी चिंता व्यक्त की है। हाल ही में कई नेताओं ने उनसे स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अनशन समाप्त करने की अपील भी की है।
फिलहाल, डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं, उनके समर्थकों और शुभचिंतकों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। सभी की नजर इस बात पर है कि आगे उनके स्वास्थ्य और आंदोलन को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।
