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मुंबई हाईकोर्ट में मराठा आरक्षण मामले पर सरकार की दलील- ‘अनुसूचित जनजाति का व्यक्ति भी राष्ट्रपति बन सकता है’

14 जुलाई 2026 :  मराठा आरक्षण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान मुंबई हाईकोर्ट में महाराष्ट्र सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि देश में समान अवसर उपलब्ध हैं और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय का व्यक्ति भी राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सकता है।

सरकार ने अदालत में दलील दी कि संविधान सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान करता है और सामाजिक न्याय के लिए विभिन्न संवैधानिक प्रावधान लागू हैं। इसी संदर्भ में सरकार ने अपने तर्कों के समर्थन में यह उदाहरण पेश किया।

मराठा आरक्षण को लेकर दायर याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। मामले में विभिन्न पक्ष अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रख रहे हैं। अदालत सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की सुनवाई करेगी।

यह मामला महाराष्ट्र में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। हाईकोर्ट के फैसले पर मराठा आरक्षण से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की आगे की दिशा तय होने की संभावना है।

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