13 जुलाई 2026 : भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने न्याय तक सभी की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत जिला न्यायालय परिसरों (Integrated District Court Complexes) के निर्माण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि मजबूत न्यायिक बुनियादी ढांचा न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ बनाने की आधारशिला है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस जिला न्यायालय परिसर न्यायाधीशों, वकीलों, न्यायिक कर्मचारियों और आम नागरिकों को बेहतर वातावरण प्रदान करेंगे। इससे न्यायिक कार्यों में दक्षता बढ़ेगी और मामलों के निपटारे की प्रक्रिया भी अधिक सुव्यवस्थित होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक बुनियादी ढांचे में निवेश केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि डिजिटल सुविधाओं, तकनीकी संसाधनों और न्यायिक सेवाओं के विस्तार पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश के अनुसार, देश के हर नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना न्यायपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ समन्वय बनाकर न्यायिक ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
