10 जुलाई 2026 जमीन से जुड़े कथित धोखाधड़ी के एक मामले में कांग्रेस के एक पार्षद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि पार्षद ने जिस जमीन का प्लॉट बेचा, वह उसके स्वामित्व में थी ही नहीं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने खुद को जमीन का मालिक बताकर प्लॉट का सौदा किया और उससे बड़ी रकम ले ली। बाद में जांच में पता चला कि संबंधित जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज थी।
प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बाद पुलिस जमीन से जुड़े दस्तावेजों, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस कथित धोखाधड़ी में अन्य लोग भी शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
वहीं, मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, आरोपी पार्षद की ओर से आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। भारतीय कानून के अनुसार, FIR दर्ज होना या आरोप लगना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। अंतिम निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
