9 जुलाई 2026 : दिल्ली के रोहिणी इलाके में इमारत गिरने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहा, जबकि पुलिस ने मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए कई घंटों तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस के अनुसार, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। इमारत की निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों के पालन और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने बताया कि विशेषज्ञों की टीम इमारत के ढहने के कारणों का तकनीकी विश्लेषण करेगी। यदि जांच में निर्माण नियमों के उल्लंघन या लापरवाही के प्रमाण मिलते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने आसपास की इमारतों का भी निरीक्षण शुरू कर दिया है ताकि किसी अन्य इमारत में संभावित खतरे की स्थिति का समय रहते आकलन किया जा सके। लोगों से भी जर्जर या असुरक्षित इमारतों की जानकारी प्रशासन को देने की अपील की गई है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
