4 जुलाई 2026 : अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (GNDU) ने शिक्षकों में उद्यमशील सोच (Entrepreneurial Thinking) विकसित करने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल का मकसद शिक्षकों को नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना है, ताकि वे विद्यार्थियों को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजन के लिए प्रेरित कर सकें।
विश्वविद्यालय का मानना है कि बदलते समय में शिक्षा के साथ उद्यमिता कौशल को बढ़ावा देना आवश्यक है, जिससे छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
नवाचार आधारित शिक्षण पर जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिजनेस आइडिया विकसित करने, समस्या समाधान और नवाचार आधारित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया।
विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
विश्वविद्यालय का कहना है कि प्रशिक्षित शिक्षक छात्रों में रचनात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और उद्यमिता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे विद्यार्थियों को स्वरोजगार और स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
रोजगार सृजन की दिशा में पहल
GNDU के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित न रखकर उन्हें रोजगार देने वाला बनने के लिए तैयार करना है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
