1 जुलाई 2026 : पंजाब की भीषण गर्मी में हाईवे किनारे मिलने वाली ‘सरदाई’ लोगों के लिए राहत का एक पारंपरिक साधन बनी हुई है। लुधियाना के आसपास समराला, दोराहा और खन्ना जैसे इलाकों में सड़क किनारे लगे स्टॉलों पर लोग मिट्टी के गिलास में इस ठंडे पेय का आनंद लेते नजर आते हैं।
सरदाई को बादाम, खसखस, खरबूजे के बीज, काली मिर्च और चीनी जैसी चीजों से तैयार किया जाता है। इसे लंबे समय से शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने वाला पेय माना जाता है।
निहंग परंपरा से जुड़ा पेय
सरदाई का संबंध निहंग परंपरा से भी जोड़ा जाता है। वर्षों से गर्मियों में इसे प्राकृतिक ठंडक देने वाले पेय के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। अब यही परंपरा पंजाब के हाईवे किनारे छोटे विक्रेताओं के जरिए आगे बढ़ रही है।
यात्रियों की पसंद
कई यात्रियों का कहना है कि गर्मी में हाईवे सफर के दौरान सरदाई तुरंत ताजगी का एहसास कराती है। लोग इसे सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि पंजाब की संस्कृति और पुरानी परंपराओं का हिस्सा मानते हैं।
पारंपरिक स्वाद और आधुनिक दौर
जहां आज बाजार में कई तरह के ठंडे पेय उपलब्ध हैं, वहीं सरदाई अपनी पारंपरिक पहचान और देसी स्वाद के कारण अब भी लोगों के बीच लोकप्रिय है।
