29 जून 2026 : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि यमुना केवल एक नदी नहीं बल्कि दिल्ली की संस्कृति, आस्था और जीवनरेखा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यमुना को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार के साथ नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
मुख्यमंत्री रविवार को चिल्ला गांव स्थित यमुना घाट पर आयोजित सफाई अभियान में शामिल हुईं। उन्होंने स्वयं श्रमदान करते हुए घाट की सफाई की और कहा कि यमुना के पुनर्जीवन के लिए जनभागीदारी जरूरी है।
हर रविवार चलेगा सफाई और पौधारोपण अभियान
रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार हर रविवार को यमुना सफाई, स्वच्छता अभियान और पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसका उद्देश्य यमुना को साफ करने के प्रयासों को एक जन आंदोलन में बदलना है।
उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से नदी को पूरी तरह साफ नहीं किया जा सकता, इसके लिए दिल्ली के लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
सीवेज और नालों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना प्रदूषण कम करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को आधुनिक बनाने, नए विकेंद्रीकृत प्लांट लगाने, सीवर नेटवर्क बढ़ाने और नदी में जाने वाले नालों को नियंत्रित करने पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में बिना उपचारित पानी को यमुना में जाने से रोकने के लिए चरणबद्ध तरीके से कदम उठाए जा रहे हैं।
लोगों से कचरा नहीं डालने की अपील
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे यमुना में प्लास्टिक, पूजा सामग्री, मूर्तियां और अन्य कचरा न डालें। उन्होंने कहा कि नदी की स्वच्छता केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी भी है।
यमुना पुनर्जीवन पर बढ़ा जोर
दिल्ली में यमुना की सफाई लंबे समय से बड़ा मुद्दा रहा है। प्रशासन अब सफाई अभियान, सीवेज प्रबंधन और जनभागीदारी के माध्यम से नदी की स्थिति सुधारने पर जोर दे रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना को स्वच्छ, निर्मल और प्रवाहमान बनाना सरकार और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
