जालंधर 26 जून 2026 : काफी समय से शिकायतें पुलिस अधिकारियों के समक्ष आ रही थी कि महानगर में मारपीट में घायल लोग जोकि सिविल अस्पताल से अपनी एम.एल.आर. कटवाकर थाने शिकायत करने पहुंचते है, लेकिन थानों में तैनात कुछ ड्यूटी आफिसर बाद में सिविल अस्पताल से एम.एल.आर. काफी दिनों तक लेने ही नहीं आते थे।
गौर हो कि नियम के मुताबिक डाक्टर एम.एल.आर. काटकर घायल को नहीं बल्कि उसकी कापी अस्पताल में तैनात पुलिस गार्द को देते है तथा इसके बाद गार्द में तैनात पुलिस जवान संबंधित थाने के मुंशी को फोन कर इसकी जानकारी देते हैं, लेकिन इसके बावजूद समय पर कुछ थाने में एम.एल.आर. न पहुंचने पर पीड़ित पक्ष को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब एम.एल.आर. समय पर नहीं लेने पर अब पुलिस जवानों पर गाज गिर सकती है।
एम.एल.आर. समय पर थाने पहुंचे इस बात को यकीनी बनाने हेतु ए.डी.सी.पी सिटी 2 आकर्षि जैन ने सिविल अस्पताल से उक्त रजिस्ट्रर को मंगवाया है। इस रजिस्ट्रर में किस थाने के किस पुलिस जवान को एम.एल.आर लेने के लिए नोट करवाया और कब और किस दिन के बाद उक्त एम.एल.आर संबंधित थाने में तैनात पुलिस जवान लेकर गया।
सूत्रों की माने तो ए.डी.सी.पी. आकर्षि जैन पुरी डिटेल से जांच करवा रही है और उन्होंने अपने आफिस रजिस्ट्रर भी मंगवा लिया है। देखा जाए तो सिविल अस्पताल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी बड़े अधिकारी ने यह कार्य पब्लिक के हितों की रक्षा के लिए किया हो। गौर हो कि ए.डी.सी.पी सिटी 1 के अधीन थानों में शामिल थाना 1, 2, 3, 4, 8 थाना बारादरी, थाना रामामंडी, व उप चौकी फोकल प्वाईट, चौकी नंगलशामा आते है। अब सभी थानों व चौकियों की एम.एल.आर का रिकार्ड चैक करने के बाद ही पता चलेगा कि किन लापरवाह पुलिस जवानों पर गाज गिरती है। वही ए.डी.सी.पी सिटी 1 के रीडर सुखदेव चंद्र का कहना है कि जल्द ही जांच करने के पश्चात एम.एल.आर रजिट्रर वापस सिविल अस्पताल भेज दिया जाएगा।
