पंजाब 14 जून 2026 : पंजाब और आसपास के राज्यों के लिए जीवनदायिनी माने जाने वाले भाखड़ा डैम का जलस्तर लगातार चर्चा में है। शनिवार को गोबिंद सागर झील में जलस्तर 1575.80 फीट दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 20 फीट अधिक है। हालांकि जलस्तर बढ़ने के बावजूद फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन मानसून से पहले प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
नंगल डैम से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए नंगल डैम से नियमित रूप से पानी छोड़ा जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार—नंगल हाइडल नहर में 12,350 क्यूसेक, श्री आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में 10,150 क्यूसेक तो सतलुज नदी में 650 क्यूसेक
पानी छोड़े जाने की सूचना है। यह सामान्य जल प्रबंधन प्रक्रिया का हिस्सा है, ताकि मानसून के दौरान आने वाले अतिरिक्त पानी के लिए डैम में पर्याप्त स्टोरेज क्षमता बनी रहे।
फिलहाल भाखड़ा डैम से बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है। हालांकि हिमाचल प्रदेश के कैचमेंट क्षेत्रों में मानसूनी बारिश तेज होने की स्थिति में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसी कारण भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) पहले से ही जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए पानी की निकासी बढ़ा रहा है, ताकि अचानक आने वाले भारी जलप्रवाह से निपटा जा सके।
