10 जून 2026 : Rohtak के एक डेंटल कॉलेज के प्रोफेसर को अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप प्रदान की गई है। इसके साथ ही उन्हें United Kingdom में विजिटिंग प्रोफेसरशिप का सम्मान भी मिला है। इस उपलब्धि को चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रोफेसर की यह उपलब्धि उनके शैक्षणिक योगदान, अनुसंधान कार्य और दंत चिकित्सा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह मान्यता न केवल उनके लिए बल्कि संस्थान और प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप और विजिटिंग प्रोफेसरशिप किसी भी शिक्षाविद की विशेषज्ञता और शोध क्षमता की वैश्विक स्तर पर स्वीकृति का प्रतीक होती है। इससे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के नए अवसर भी खुलते हैं।
कॉलेज प्रशासन और सहकर्मियों ने प्रोफेसर को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। उनका मानना है कि इससे संस्थान की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और छात्रों को भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा एवं शोध का लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय शिक्षाविदों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिल रही पहचान देश की शिक्षा और अनुसंधान क्षमता को दर्शाती है। इससे युवा शोधकर्ताओं और छात्रों को भी प्रेरणा मिलती है।
इस उपलब्धि को रोहतक और हरियाणा के शैक्षणिक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रोफेसर अपने अनुभव और विशेषज्ञता से चिकित्सा शिक्षा तथा अनुसंधान को और समृद्ध करेंगे।
