9 जून 2026 : Kurukshetra स्थित Miri Piri Institute of Medical Sciences and Research के डॉक्टर बकाया वेतन के मुद्दे को लेकर सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से वेतन का भुगतान लंबित है, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, संस्थान के कई डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों ने वेतन में देरी को लेकर प्रशासन के समक्ष कई बार अपनी चिंता व्यक्त की थी। उनका आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका, जिसके बाद सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया गया।
डॉक्टरों के इस कदम से अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मरीजों और उनके परिजनों को चिकित्सा सेवाओं में संभावित बाधा का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को लेकर संस्थान की ओर से आवश्यक व्यवस्था किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि वे अपने पेशे और मरीजों के प्रति जिम्मेदार हैं, लेकिन नियमित वेतन न मिलने से आर्थिक और पेशेवर कठिनाइयां बढ़ रही हैं। उनका मुख्य उद्देश्य प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित करना और लंबित भुगतान का समाधान कराना है।
दूसरी ओर, संस्थान प्रबंधन की ओर से मामले को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति की समीक्षा की जा रही है और सभी पक्षों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों को समय पर वेतन मिलना आवश्यक है, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता और गुणवत्ता काफी हद तक कर्मचारियों के मनोबल पर निर्भर करती है।
स्थानीय लोगों और मरीजों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन और डॉक्टरों के बीच जल्द सहमति बनेगी ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रह सकें। फिलहाल सभी की नजर इस विवाद के समाधान पर टिकी हुई है।
