5 जून 2026 : हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मुख्यमंत्री से सिफारिश की है कि रिश्वतखोरी के मामलों में पकड़े गए अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला उनके वर्तमान कार्यस्थल से कम से कम 100 किलोमीटर दूर किया जाए। इस प्रस्ताव के तहत करीब 35 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए जाने की तैयारी बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, एसीबी का मानना है कि रिश्वत के मामलों में पकड़े गए कर्मचारियों को उसी क्षेत्र में बनाए रखने से उनके पुराने संपर्क और प्रभाव बने रह सकते हैं। ऐसे में उन्हें दूरस्थ स्थानों पर तैनात करने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बताया जा रहा है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई हुई है या जो रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं, उनकी सूची तैयार की गई है। इस सूची के आधार पर संबंधित विभागों से समन्वय कर तबादलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए एसीबी लंबे समय से विभिन्न सुझाव सरकार को भेजती रही है। अधिकारियों का मानना है कि सख्त प्रशासनिक कदमों से सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ेगी और भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी कठोर कदम उठाना आवश्यक है। यदि आरोपित कर्मचारियों को उनके प्रभाव क्षेत्र से दूर तैनात किया जाता है, तो इससे जांच और विभागीय कार्रवाई को भी निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
हालांकि, अंतिम निर्णय राज्य सरकार और संबंधित विभागों द्वारा लिया जाएगा। यदि सिफारिश को मंजूरी मिलती है, तो यह हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल मानी जाएगी।
सरकार पहले से ही पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने की बात करती रही है। ऐसे में एसीबी की यह सिफारिश प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखी जा रही है। अब सभी की नजर मुख्यमंत्री और सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
