3 जून 2026 : रोहतक प्रशासन ने आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ प्रबंधन और जलभराव रोकने की तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों को समन्वय के साथ काम करने और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन द्वारा नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने, पंपिंग स्टेशनों की जांच तथा संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान जैसे कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटना है।
आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून से पहले की गई तैयारियां आपदा जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। समय पर की गई रोकथाम संबंधी कार्रवाई से जन-धन के नुकसान को कम किया जा सकता है।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आपातकालीन उपकरणों और संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही राहत और बचाव कार्यों के लिए आवश्यक योजनाओं की समीक्षा की जा रही है।
जल संसाधन प्रबंधन के जानकारों के अनुसार, प्रभावी जल निकासी प्रणाली और नियमित रखरखाव शहरी बाढ़ की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों को नालों और जल निकासी मार्गों में कचरा न डालने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
पर्यावरण विज्ञान के विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम पैटर्न और अत्यधिक वर्षा की घटनाओं को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के लिए अग्रिम तैयारी और बेहतर शहरी नियोजन पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
रोहतक प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित एजेंसियां सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मानसून के दौरान स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
