3 जून 2026 : भगवंत मान ने घोषणा की है कि राज्य की लगभग 52 लाख महिलाओं को जुलाई से प्रति माह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और परिवारों को अतिरिक्त वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह सीधे राशि हस्तांतरित की जाएगी। इससे महिलाओं को अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
अर्थशास्त्र के विशेषज्ञों का कहना है कि प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer) योजनाएं लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम मानी जाती हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और पारदर्शिता बढ़ती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता मिलने से घरेलू खर्चों के प्रबंधन और वित्तीय निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ सकती है।
महिला अध्ययन से जुड़े जानकारों का मानना है कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। हालांकि, किसी भी योजना की सफलता उसके प्रभावी क्रियान्वयन और पात्रता मानदंडों पर निर्भर करती है।
सरकार द्वारा योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश, पात्रता शर्तें और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी अलग से जारी किए जाने की संभावना है।
पंजाब में महिलाओं के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाएं पहले भी संचालित की जाती रही हैं। नई योजना को राज्य की बड़ी कल्याणकारी पहलों में से एक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को नियमित वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
फिलहाल, लाभार्थी महिलाओं को योजना से जुड़ी आधिकारिक अधिसूचना और पात्रता संबंधी विवरण जारी होने का इंतजार है।
