1 जून 2026 : महाराष्ट्र में विधान परिषद की सीटों को लेकर महायुति के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक ऐसे दावेदार को टिकट नहीं मिला, जिसके पक्ष में देवेंद्र फडणवीस की सिफारिश होने की चर्चा थी। इससे राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
रिपोर्टों में यह भी कहा जा रहा है कि पार्थ पवार के करीबी माने जाने वाले एक नेता का नाम विधान परिषद के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल है। हालांकि, उम्मीदवारों के चयन को लेकर संबंधित दलों की ओर से अंतिम और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
सूत्रों के अनुसार, महायुति में सीटों के बंटवारे, सामाजिक समीकरणों और संगठनात्मक योगदान जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखकर उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है। इसी वजह से कई बार चर्चित नामों को भी अंतिम सूची में जगह नहीं मिल पाती।
राजनीति विज्ञान के विशेषज्ञों का कहना है कि विधान परिषद जैसी अप्रत्यक्ष चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक रणनीति, गठबंधन संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, उम्मीदवार चयन के दौरान केवल व्यक्तिगत सिफारिशें ही नहीं, बल्कि पार्टी की दीर्घकालिक राजनीतिक योजना और संगठनात्मक जरूरतें भी देखी जाती हैं।
राष्ट्रीयवादी कांग्रेस पार्टी सहित महायुति के विभिन्न घटक दलों के बीच लगातार विचार-विमर्श चल रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि अंतिम सूची से गठबंधन के भीतर शक्ति संतुलन का भी संकेत मिलेगा।
फिलहाल, सभी की नजरें आधिकारिक उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हैं। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं जारी हैं, लेकिन अंतिम स्थिति पार्टी नेतृत्व के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।
