12 मई 2026 : संजीव अरोड़ा ने अपनी प्रवर्तन निदेशालय हिरासत को अवैध और असंवैधानिक बताते हुए हाई कोर्ट में रिहाई की मांग वाली याचिका दायर की है।
जानकारी के अनुसार याचिका में दावा किया गया है कि हिरासत की प्रक्रिया कानून और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।
मामले को लेकर कानूनी और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि हाल के दिनों में संजीव अरोड़ा से जुड़े मामलों पर लगातार राजनीतिक बयानबाजी होती रही है।
हाई कोर्ट में दायर याचिका में जांच एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं और कानूनी राहत की मांग की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में अदालतें जांच एजेंसियों की कार्रवाई और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन की जांच करती हैं।
दूसरी ओर जांच एजेंसियां अपने कदमों को कानूनी प्रक्रिया के तहत सही ठहरा सकती हैं।
अब सभी की नजर हाई कोर्ट की आगामी सुनवाई और फैसले पर टिकी हुई है।
कुल मिलाकर संजीव अरोड़ा द्वारा ईडी हिरासत को चुनौती दिए जाने से पंजाब की राजनीति और कानूनी बहस दोनों तेज हो गई हैं।
