चंडीगढ़ 10 मई 2026 : वर्षों की देरी और कई प्रशासनिक अड़चनों के बाद आखिरकार पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और पीजीआई को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित पैदल अंडरपास परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है।
अंडरपास की चौड़ाई भी 17 मीटर से घटाकर 14 मीटर कर दी गई है। जगह की कमी के चलते परियोजना में एस्केलेटर की सुविधा नहीं होगी, जबकि लिफ्ट की व्यवस्था की जाएगी।
अंडरपास निर्माण से पहले सीवरेज और स्टार्म वाटर पाइपलाइन को शिफ्ट किया जाएगा। संशोधित योजना के तहत अब पहले प्रस्तावित 20 दुकानों के बजाय केवल 12 दुकानें बनाई जाएंगी।
यूटी इंजीनियरिंग विभाग ने टेंडर जारी कर दिए हैं, जोकि 22 मई को खोले जाएंगे और जून महीने से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। परियोजना में कुछ संशोधनों के बाद चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी ने अंडरपास के संशोधित डिजाइन को मंजूरी दे दी है।
काम शुरू करने से पहले नगर निगम, इंजीनियरिंग विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों ने संयुक्त साइट निरीक्षण भी किया, ताकि यूटिलिटी शिफ्टिंग और निर्माण कार्य की बेहतर योजना बनाई जा सके।
2019 में मिली थी सैद्धांतिक मंजूरी
नवंबर 2019 में तत्कालीन यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने इस अंडरपास को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। उस समय ट्रैफिक पुलिस ने प्रशासन को बताया था कि पीजीआई में रोजाना पड़ोसी राज्यों से हजारों मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए आते हैं।
पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच सड़क पार करने में भारी दिक्कत और ट्रैफिक समस्या पैदा होती है। इसी को देखते हुए पैदल अंडरपास की आवश्यकता महसूस की गई थी।
