8 मई 2026 : यमुनानगर में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए सिंचाई विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग की ओर से जल निकासी, नहरों की सफाई और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्यों पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना बनाई गई है।
अधिकारियों के अनुसार, मानसून के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं से निपटने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, नहरों, ड्रेनों और जल निकासी मार्गों की सफाई को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि बारिश के दौरान पानी का बहाव बाधित न हो।
हरियाणा सिंचाई विभाग ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और मरम्मत कार्य किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते की गई तैयारियां बारिश के मौसम में बड़े नुकसान को रोकने में मददगार साबित होती हैं।
यमुनानगर के कई क्षेत्रों में हर साल भारी बारिश के दौरान जलभराव और निचले इलाकों में परेशानी की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में प्रशासन इस बार पहले से सतर्क नजर आ रहा है।
विभाग की योजना में नहरों की मरम्मत, कमजोर तटबंधों को मजबूत करना और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना शामिल है।
स्थानीय प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं ताकि मानसून शुरू होने से पहले व्यवस्था पूरी तरह तैयार हो सके।
हरियाणा में मानसून के दौरान कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं, जिसके चलते इस बार तैयारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि यदि योजनाओं को सही तरीके से लागू किया गया तो बारिश के मौसम में राहत मिलेगी।
फिलहाल, सिंचाई विभाग विभिन्न परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है और मानसून से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे करने का प्रयास किया जा रहा है।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि प्राकृतिक आपदाओं और बारिश से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए समय पर तैयारी कितनी जरूरी होती है।
