27 अप्रैल 2026 : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए वर्किंग पत्नी से मेंटेनेंस मांगने को लेकर एक वकील पर 15 लाख रुपये का हर्जाना लगाया है।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि शादी शोषण का लाइसेंस नहीं है और इस तरह की मांग अनुचित है।
जानकारी के अनुसार मामला पति द्वारा अपनी कामकाजी पत्नी से मेंटेनेंस की मांग से जुड़ा था, जिस पर अदालत ने नाराजगी जताई।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि विवाह संबंधों में दोनों पक्षों की जिम्मेदारियां होती हैं और किसी एक पक्ष का अनुचित लाभ नहीं उठाया जा सकता।
इस फैसले को समाज के विभिन्न वर्गों से मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, जहां कुछ लोग इसे न्यायसंगत मान रहे हैं तो कुछ इस पर चर्चा कर रहे हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के फैसले भविष्य में समान मामलों के लिए एक मिसाल बन सकते हैं।
कुल मिलाकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह निर्णय विवाह और मेंटेनेंस से जुड़े मामलों में संतुलन और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
