चंडीगढ़ 24 मार्च 2026 : पंजाब के लोगों के लिए बहुत चिंताजनक खबर सामने आई है। राज्य में धरती के निचले पानी में यूरेनियम की मात्रा खतरनाक दर से बढ़ रही है। पिछले पांच सालों में यह मात्रा दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में जहां 24.2 फीसदी सैंपल असुरक्षित पाए गए थे, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 53 फीसदी हो गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने एक लिखित जवाब में कहा कि यह बढ़ोतरी राज्य में यूरेनियम लेवल की बिगड़ती स्थिति को दिखाती है। साल 2024 में पंजाब में लिए गए 296 सैंपल में से 53.04 फीसदी में यूरेनियम का स्तर 30 पार्ट्स प्रति बिलियन की सुरक्षित सीमा से ज्यादा ऊपर पाया गया है जो वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन द्वारा तय की गई सीमा है।
यह नेशनल एवरेज 6.7 फीसदी से बहुत ज्यादा है, जिससे पंजाब देश में सबसे ज्यादा यूरेनियम-प्रदूषित पानी वाला राज्य बन गया है। पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी पॉल्यूशन पाया गया है, लेकिन 2024 में वहां सिर्फ 15 फीसदी सैंपल ही अनसेफ पाए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब में धरती के निचले पानी का इस्तेमाल उसकी सालाना रिचार्ज स्मर्था के मुकाबले 156.4 फीसदी है, जो पूरे भारत में सबसे ज्यादा है।
सरकार के मुताबिक, पानी में यूरेनियम की यह मौजूदगी मुख्य रूप से भूगौलिक है और स्थानीय भू-वैज्ञानिक स्थितियों से जुड़ी है। हालांकि, केंद्र सरकार ने यह भी साफ किया है कि ज्यादा अनसेफ सैंपल मिलने की एक वजह प्रभावित इलाकों में की जाने वाली ‘टारगेटेड मॉनिटरिंग’ भी हो सकती है।
