चंडीगढ़ 18 मार्च 2026 : प्रशासनिक देरी के कारण कम्पैशनेट राशि के भुगतान में देरी पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस संदीप मोदगिल ने हरियाणा शिक्षा विभाग के वित्त सचिव का वेतन तीन महीने तक रोकने के आदेश दिए हैं व याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर बकाया राशि ब्याज समेत देने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक देरी का बोझ सरकारी खजाने पर नहीं पड़ना चाहिए, इसलिए संस्थागत जवाबदेही तय करना जरूरी है। इसलिए शिक्षा विभाग के वित्त सचिव का वेतन तीन महीने के लिए रोका जा रहा है ताकि अधिकारियों को कानूनी वित्तीय दायित्वों के समय पर पालन की आवश्यकता का एहसास कराया जा सके और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए।
कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय और बजटीय सीमाओं का हवाला दिया गया। कोर्ट ने कहा कि वित्तीय कठिनाइयों के आधार पर किसी नागरिक के वैध अधिकार को प्रभावित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने टिप्पणी की कि प्रशासनिक या वित्तीय सीमाएं किसी नागरिक के वैध अधिकारों को अनिश्चितकाल तक टालने का आधार नहीं बन सकती हैं।
कम्पैशनेट राशि का मकसद कर्मचारी की असामयिक मृत्यु के बाद उसके परिवार को तत्काल आर्थिक सहारा देना होता है। यदि इसका भुगतान समय पर नहीं किया जाता तो इस सहायता का उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है।
