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“यूपी: बिजली दरों में 20% तक बढ़ोतरी की संभावना, बढ़ी जनता की चिंता”

08फ़रवरी2026 : उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले महीने मुश्किल भरे हो सकते हैं। राज्य की बिजली कंपनियों ने बिजली के दाम करीब 20 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। कंपनियों का कहना है कि उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। बिजली नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव पर सशर्त सहमति दी है। इस पर मार्च में अंतिम फैसला होगा।

जनता को 21 दिन में देनी होगी राय
नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को आदेश दिया है कि वे अपना पूरा प्रस्ताव 3 दिन के भीतर अखबारों में प्रकाशित करें। इसके बाद आम लोगों को 21 दिन का समय मिलेगा, जिसमें वे अपनी आपत्ति या सुझाव आयोग को भेज सकते हैं। बिजली कंपनियों ने अपनी रिपोर्ट में 12,453 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है और इसी की भरपाई के लिए दरें बढ़ाने की मांग की है।

स्मार्ट मीटर का खर्च भी उपभोक्ताओं पर?
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने और चलाने पर होने वाला करीब 3,837 करोड़ रुपये का खर्च भी बिजली दरों में जोड़ दिया जाए। हालांकि, उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इन आंकड़ों को गलत बताते हुए कहा है कि यह पूरी तरह मनगढ़ंत हैं।

1400 करोड़ की अतिरिक्त वसूली की जांच संभव
हालांकि पिछले 6 साल से बिजली के दाम नहीं बढ़े, लेकिन आरोप है कि अलग-अलग शुल्कों के नाम पर उपभोक्ताओं से पिछले 11 महीनों में करीब 1400 करोड़ रुपये ज्यादा वसूले गए हैं। फरवरी के बिजली बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज का मामला सामने आने के बाद नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से पूरी जानकारी मांगी है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर बड़ी जांच हो सकती है।

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