11 जून 2026 : Attari-Wagah Border के रास्ते 518 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालु गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन हेतु गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के लिए निर्धारित जांच और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया के दौरान 78 श्रद्धालुओं को आवश्यक दस्तावेजों में कमी या अन्य कागजी कारणों से सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी गई। संबंधित यात्रियों को नियमों के अनुसार वापस भेज दिया गया।
यह धार्मिक यात्रा भारत और पाकिस्तान के बीच प्रोटोकॉल के तहत आयोजित की जाती है, जिसमें श्रद्धालुओं को विशेष अनुमति और यात्रा दस्तावेजों के आधार पर पाकिस्तान जाने की सुविधा दी जाती है। यात्रा के दौरान सुरक्षा और आव्रजन संबंधी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाता है।
श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान में स्थित प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों के दर्शन को लेकर उत्साह व्यक्त किया। इस अवसर पर धार्मिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों ने यात्रियों को शुभकामनाएं दीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी धार्मिक यात्राएं दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हालांकि, यात्रा के लिए निर्धारित दस्तावेजी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होता है।
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से भविष्य में यात्रा से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि किसी को सीमा पर परेशानी का सामना न करना पड़े।
