20 जून 2026 : Ghaziabad में वायु और जल प्रदूषण को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, जिले की लगभग 1,500 फैक्ट्रियां ऐसी हैं जिनकी गतिविधियां पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं और प्रदूषण बढ़ाने में योगदान दे रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इन औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं, रासायनिक उत्सर्जन और अपशिष्ट पदार्थ वायु गुणवत्ता तथा जल स्रोतों को प्रभावित कर रहे हैं। इससे पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संबंधित इकाइयों की निगरानी बढ़ाने और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। यदि प्रदूषण नियंत्रण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया तो क्षेत्र में वायु और जल गुणवत्ता और अधिक प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय निवासियों ने भी प्रदूषण की समस्या को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियों के कारण वातावरण और जल स्रोतों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने उद्योगों से पर्यावरण मानकों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। साथ ही नियमित निरीक्षण और निगरानी के माध्यम से प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।
