4 अप्रैल, 2026:* उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज वाराणसी पहुंचकर काशी विश्वनाथ धाम और बाबा कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उनके इस दौरे को लेकर सुबह से ही शहर में खासा उत्साह देखने को मिला और सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी।
सुबह के समय मुख्यमंत्री का काफिला वाराणसी पहुंचा, जहां प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे सीधे काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में उनके आगमन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और आम श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया गया था।
दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर के विकास कार्यों और व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्विकास के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, जिससे सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने की आवश्यकता बनी रहती है।
इसके बाद मुख्यमंत्री बाबा कालभैरव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काशी में बाबा कालभैरव को नगर का कोतवाल माना जाता है और यहां दर्शन करना विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री के इस दौरे को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस दौरान प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा और सुरक्षा एजेंसियों ने हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
मुख्यमंत्री के इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें वे मंदिर में पूजा करते और श्रद्धालुओं का अभिवादन करते नजर आ रहे हैं। लोगों ने इस दौरे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है और कई लोगों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है।
इस तरह मुख्यमंत्री का यह काशी दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने न केवल दर्शन किए बल्कि व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।
