पिंपरी-चिंचवड़ 31 मार्च 2026 : पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के नवनियुक्त आयुक्त Vijay Suryavanshi के एक विवादित बयान ने शहर में नाराजगी और आक्रोश पैदा कर दिया है। उन्होंने कथित तौर पर कहा, “पिंपरी-चिंचवड़ को दुनिया में कौन जानता है?”, जिसके बाद नागरिकों की भावनाएं आहत हुई हैं और इस मुद्दे के राजनीतिक तूल पकड़ने की संभावना जताई जा रही है।
यह वही पिंपरी-चिंचवड़ शहर है, जिसे Sharad Pawar, दिवंगत रामकृष्ण मोरे और Ajit Pawar जैसे नेताओं ने औद्योगिक और शैक्षणिक रूप से विकसित कर देश के एक मॉडल शहर के रूप में स्थापित किया। ऐसे शहर की पहचान पर सवाल उठने से स्थानीय लोगों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। माना जा रहा है कि आगामी नगर निगम की आमसभा में इस मुद्दे पर जोरदार बहस हो सकती है।
दरअसल, गांधर्व मंच संगीत प्रतियोगिता के सिलसिले में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने यह बयान दिया। उनका कहना था कि “गांधर्व मंच को वैश्विक पहचान मिली है, लेकिन पिंपरी-चिंचवड़ शहर को वह पहचान नहीं मिल पाई।” इस बयान पर वहां मौजूद पत्रकारों ने भी आपत्ति जताई।
वास्तविकता यह है कि पिंपरी-चिंचवड़ को देश-विदेश में एक प्रमुख औद्योगिक शहर और आईटी हब के रूप में जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रोजेक्ट हैं और देशभर से लोग यहां आकर बसते हैं। शहर के नियोजित विकास और मजबूत बुनियादी ढांचे के लिए विशेष रूप से अजित पवार के योगदान को अहम माना जाता है।
अब इस बयान के बाद सवाल उठ रहा है कि राज्य में सत्ता में साझेदार दलों—खासकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भाजपा—की इस पर क्या प्रतिक्रिया होगी। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि आयुक्त को शहर के इतिहास, विकास और उपलब्धियों की बेहतर समझ होनी चाहिए।
कई लोगों का कहना है कि अगर आज अजित पवार जीवित होते, तो वे इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते। ऐसे में नागरिकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि “शहर का असली संरक्षक कौन है?”
गौरतलब है कि 2 अप्रैल से 7 जून के बीच जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज संतपीठ और अखिल भारतीय गांधर्व महाविद्यालय मंडल के संयुक्त तत्वावधान में गांधर्व मंच संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के दौरान यह विवादित बयान सामने आया, जिसने पूरे शहर में बहस छेड़ दी है।
