• Sat. Mar 14th, 2026

UP सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारियों के प्रमोशन के नियमों में बदलाव, सभी विभागों को निर्देश

14 मार्च 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकों को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सरकारी मानव संपदा पोर्टल पर विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसके जरिए पदोन्नति से जुड़ी पूरी प्रक्रिया संचालित होगी।

31 मार्च तक पूरी करनी होंगी तैयारियां
राज्य के मुख्य सचिव S. P. Goyal ने सभी विभागों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि नई व्यवस्था लागू करने के लिए आवश्यक तैयारियां 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएं। इससे पदोन्नति से जुड़ी प्रक्रिया तेज होने के साथ ही गड़बड़ी की संभावनाएं भी काफी हद तक कम हो जाएंगी।

मानव संपदा पोर्टल पर तैयार हुआ नया मॉड्यूल
कार्मिक विभाग के निर्देश के अनुसार National Informatics Centre ने मानव संपदा पोर्टल पर डीपीसी के लिए एक विशेष मॉड्यूल विकसित किया है। इस सिस्टम के जरिए पदोन्नति से संबंधित कर्मचारियों की जानकारी स्वतः पोर्टल से प्राप्त हो सकेगी। हालांकि इसके लिए कर्मचारियों का पूरा और सही डाटा पोर्टल पर अपडेट होना जरूरी होगा।

यह भी पढ़ें : 

कर्मचारियों का डाटा अपडेट करना अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों का पंजीकरण, कैडर और पद स्तर की जानकारी, सेवा में नियुक्ति की तिथि, पदोन्नति का रिकॉर्ड और विभागीय कार्रवाई से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा ऑफलाइन एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) को भी जरूरत पड़ने पर पोर्टल पर अपलोड करना होगा, जबकि ऑनलाइन एसीआर स्वतः सिस्टम में शामिल हो जाएगी।

प्रत्येक विभाग में बनेगा डीपीसी कोऑर्डिनेटर
निर्देशों के अनुसार हर विभाग में डीपीसी प्रक्रिया के संचालन के लिए एक अधिकारी को डीपीसी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी पोर्टल पर लॉगिन कर वरिष्ठता या योग्यता के आधार पर पात्रता सूची, फार्म-1, ब्रॉडशीट और स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

पोर्टल पर ही दर्ज होंगी अंतिम संस्तुतियां
स्क्रूटनी के बाद प्रस्ताव अगले स्तर के अधिकारी को भेजा जाएगा, जहां से उसे स्वीकृत, अस्वीकृत या आगे भेजा जा सकेगा। अंतिम चरण में डीपीसी समिति पोर्टल पर ही कर्मचारियों को फिट, अनफिट या डिफर की श्रेणी में रखते हुए सूची को लॉक करेगी। इसके बाद सिस्टम स्वतः बैठक का कार्यवृत्त तैयार कर देगा। सरकार का मानना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से पदोन्नति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *