03 जनवरी 2025 : राज्यभर से मिली जानकारी के अनुसार, महापालिका चुनाव में कई उम्मीदवार बिनविरोध निर्वाचित हो गए हैं। मतदान से पहले ही कुछ उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस ले लिए और इसी कारण से कुछ सीटों पर सत्ताधारी दलों के उम्मीदवार बिनविरोध जीत गए।
भाजप और शिवसेना के उम्मीदवार ठाणे और पनवेल महापालिकाओं में बिनविरोध निर्वाचित हुए। इस स्थिति के मद्देनज़र राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित चुनाव अधिकारी और जिलाधिकारी से इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में उम्मीदवारों द्वारा पर्चा कब वापस लिया गया, क्या किसी पर दबाव डाला गया, और क्या किसी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, इसकी जानकारी शामिल करने का निर्देश दिया गया है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने कहा कि बिनविरोध चुनावों में क्या हुआ, इसकी वस्तुनिष्ठ जानकारी लेने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है। आयोग का उद्देश्य भयमुक्त और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।
शुक्रवार को 29 महापालिकाओं में पर्चे वापस लेने के अंतिम दिन कई उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस लिए, जिससे कुल 68 सीटों पर सत्ताधारी दल के उम्मीदवार बिनविरोध निर्वाचित हुए। इसमें भाजपा के 44, शिवसेना के 22 और राष्ट्रवादी कांग्रेस के 2 उम्मीदवार शामिल हैं। वहीं, मुंबई में अपक्ष बंडखोरों को भी पार्टी ने मनधरणी कर वापस लाया।
मुख्य बिंदु:
- 68 सीटों पर सत्ताधारी दल के उम्मीदवार बिनविरोध निर्वाचित
- भाजपा: 44, शिवसेना: 22, राकांपा: 2
- राज्य निर्वाचन आयोग ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी
- उद्देश्य: भयमुक्त और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना
