20 फरवरी 2026 : ठाणे-घोड़बंदर रोड पर बढ़ती ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए सड़क चौड़ीकरण का फैसला लिया गया है, लेकिन फंड और जिम्मेदारी के विवाद के चलते यह प्रोजेक्ट अटकता नजर आ रहा है।
दरअसल, इस सड़क के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी मीरा-भाईंदर नगर निगम को दी गई थी। हालांकि, निगम के पास न तो पर्याप्त फंड है और न ही रखरखाव का खर्च उठाने की क्षमता। ऐसे में महासभा में फैसला लिया गया कि सड़क को फिर से लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंप दिया जाए।
इस सड़क पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि सड़क संकरी, घुमावदार और ऊंच-नीच वाली है। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। रोजाना लोगों को घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ता है, जिससे ठाणे, मीरा-भाईंदर और वसई-विरार के लोग परेशान हैं।
राज्य सरकार ने फाउंटेन होटल से गायमुख तक करीब 6 किमी सड़क को 30 मीटर से बढ़ाकर 60 मीटर करने की योजना बनाई थी। इस प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य MMRDA द्वारा और भूमि अधिग्रहण निगम के जरिए होना था।
पिछले 7 महीनों में ही सड़क की मरम्मत पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि भूमि अधिग्रहण के लिए लगभग 150 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसके अलावा, वन विभाग और CRZ की मंजूरी भी जरूरी है, जिससे काम शुरू होने में 2-3 साल लग सकते हैं।
अब मांग उठ रही है कि अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स की तरह इस सड़क के निर्माण और भूमि अधिग्रहण दोनों की जिम्मेदारी भी MMRDA को ही दी जाए, ताकि काम तेजी से पूरा हो सके। फिलहाल, प्रोजेक्ट में देरी के कारण लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
