जालंधर, 27 दिसंबर 2025 : आम आदमी पार्टी का पंजाब की सत्ता में लगभग 4 साल से ज्यादा का समय हो चुका है। सरकार द्वारा नशे के विरोध में कई तरह के अभियान चलाए गए लेकिन ‘आप’ सरकार की मुहिम ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ की जमीनी हकीकत महानगर के जालंधर वैस्ट हलके में उलटी देखने को मिल रही है। शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते हलका जालंधर वैस्ट अवैध शराब का गढ़ बन चुका है।
हलका जालंधर वैस्ट में पड़ते कई घने बस्तियात इलाकों में सरेआम अवैध व कैमिकल युक्त शराब बेची जा रही है और यह कारोबार कई सालों से चल रहा है। इस हलके में चाहे वह पीरदाद बस्ती के इलाके हों या टैगोर नगर, बस्ती शेख, जनक नगर, खुलेआम शराब बेची जा रही है। हालांकि वर्ष 2022 में आप आदमी पार्टी ने चुनावी घोषणापत्र में अवैध शराब के धंधे को खत्म करने का वायदा किया था। ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान का असर जालंधर वैस्ट हलके में दिखाई नहीं दे रहा है और कई इलाकों में तो दिन और रात अवैध शराब का धंधा शासन-प्रशासन की नाक के तले धड़ल्ले से चलता आ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक शासन को इसकी पूरी जानकारी होते हुए भी हलके से नशे के नैटवर्क को खत्म करने के लिए कोई कठोर कदम न उठाना चिंताजनक है। कई शराबी चौक-चौराहों पर पड़े देखे जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार जालंधर वैस्ट के कई इलाकों में अवैध शराब तस्करों की जड़ें फैल चुकी हैं और उन्हें कई राजनीतिक सफेदपोशों का संरक्षण मिला हुआ है जिस कारण तस्करों पर कभी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में रोजाना हलके में करोड़ों रुपए की अवैध शराब का खुलेआम होता कारोबार न सिर्फ आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है, बल्कि पंजाब सरकार के नशे के विरुद्ध चलाए गए सभी अभियानों की पोल खोल रहा है।
