21 जनवरी 2026 : मुंबई महानगरपालिका की इस साल की चुनावी लड़ाई ठाकरे भाईयों के इर्द-गिर्द घूमी। सत्ता हासिल करने में दोनों को सफलता नहीं मिली, लेकिन उनकी गठबंधन की चर्चा पूरे राज्य में रही। अब दिवंगत बाळासाहेब ठाकरे की जयंती के अवसर पर यानी 23 जनवरी को शिवसेना उद्धव बाळासाहेब ठाकरे पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे एक ही मंच पर दिखेंगे।
शिवसेना (उद्धव) के सांसद संजय राऊत ने बताया कि माटुंगा के षण्मुखानंद सभागृह में दोनों पार्टियों द्वारा संयुक्त रूप से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यह केवल स्मृति का अवसर नहीं, बल्कि विचारों का भी मंच होगा। मुंबई महापालिका चुनाव के परिणामों के बाद ठाकरे भाई एक साथ आएंगे, और संभव है कि दोनों चुनाव नतीजों पर अपने विचार साझा करें।
मनसे की भूमिका पर विवाद:
मुंबई में बिहार भवन निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हुआ, जिसमें रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई – आठवले गुट) ने भी भाग लिया। मनसे की बिहार भवन के खिलाफ की गई भूमिका को संविधान विरोधी करार देते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि मुंबई में बिहार और झारखंड भवन निर्माण पर रोक लगाना संविधान विरोधी है और राज ठाकरे की इस भूमिका की उन्होंने आलोचना की। मनसे ने सोमवारी को साफ कर दिया कि मुंबई में बिहार भवन निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। इस कदम के बाद मुंबई का राजनीतिक माहौल गर्मा गया।
