चंडीगढ़ 09 अप्रैल 2026 : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के एक ठेका कर्मचारी से 53,604 रुपए की रिकवरी के आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भुगतान उस समय की लागू सरकारी नीति के तहत और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से किया गया हो और कर्मचारी की ओर से कोई धोखाधड़ी या गलत जानकारी न दी गई हो तो बाद में उसकी वसूली नहीं की जा सकती।
यह फैसला कैथल निवासी दीपक कुमार द्वारा दायर याचिका पर दिया गया, जो वर्ष 2012 से जल एवं स्वच्छता सहयोग संगठन के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में जिला सूचना, शिक्षा एवं संचार एवं समानता सलाहकार के रूप में संविदा आधार पर कार्यरत हैं।
मई 2023 में तत्कालीन सरकारी निर्देशों के तहत याचिकाकर्ता को एलटीसी के बदले एक महीने का वेतन 53,604 रुपए दिया गया था। यह राशि सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद जारी की गई थी। हालांकि बाद में सितंबर 2024 में विभाग ने नए निर्देशों का हवाला देते हुए इस राशि की रिकवरी के नि आदेश जारी कर दिए।
हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक त्रुटियों का बोझ कर्मचारी पर नहीं डाला जा सकता, विशेषकर तब जब भुगतान काफी समय पहले किया जा चुका हो और कर्मचारी उस राशि का उपयोग कर चुका हो। अदालत ने 5 सितंबर 2024 के रिकवरी आदेश को रद्द करते हुए राज्य सरकार को याचिकाकर्ता से किसी भी प्रकार की वसूली करने से रोक दिया।
