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ठाकरे बंधु करेंगे गठबंधन का ऐलान, BMC चुनाव में बड़े उम्मीदवारों के नाम तय

मुंबई 22 दिसंबर 2025 : बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव को लेकर ठाकरे बंधुओं के एक साथ आने और गठबंधन की घोषणा को लेकर उत्सुकता चरम पर है। वरली डोम में हुए कार्यक्रम के बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सुलह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं होने से शिवसैनिकों और मनसैनिकों में असमंजस बना हुआ है। माना जा रहा है कि BMC चुनाव के मद्देनज़र गठबंधन की घोषणा का इंतजार अगले कुछ घंटों में खत्म हो सकता है।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और मनसे के दूसरे पंक्ति के नेताओं ने संकेत दिए हैं कि अगले एक-दो दिनों में गठबंधन की औपचारिक घोषणा हो सकती है। ठाकरे गुट के नेता अनिल परब और संजय राउत ने अनौपचारिक तौर पर इसके संकेत दिए हैं। मनसे नेताओं ने भी सीधे तौर पर कुछ न कहते हुए ऐसी संभावना जताई है। जानकारी है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं।

BMC चुनाव दोनों ठाकरे बंधुओं के लिए अस्तित्व की लड़ाई मानी जा रही है। हाल ही में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों में भाजपा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का प्रदर्शन मजबूत रहा है। विधानसभा चुनाव में महाविकास आघाड़ी के भीतर उम्मीदवार तय करने में हुई देरी को देखते हुए, संभावना है कि ठाकरे बंधु गठबंधन की घोषणा के साथ कुछ बड़े उम्मीदवारों के नाम भी सामने रख सकते हैं।

नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भाजपा और शिवसेना की बढ़ती ताकत के बीच, BMC चुनाव से पहले ठाकरे बंधुओं का गठबंधन मनसैनिकों और शिवसैनिकों के उत्साह को बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

इस बीच, संजय राउत ने चुनावी नतीजों पर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर परिषद और नगर पंचायत के आंकड़े विधानसभा चुनाव जैसे ही हैं—वही आंकड़े, वही मशीन और वही सेटिंग। उनका कहना है कि भाजपा ने मशीनें पहले जैसी ही सेट कीं।

राउत ने यह भी कहा कि मनसे के साथ गठबंधन को लेकर दोनों दलों की बैठक हो चुकी है, चर्चा और सीटों का बंटवारा पूरा हो गया है और कहां कौन लड़ेगा, इस पर सहमति बन गई है। किसी तरह की अड़चन नहीं दिख रही और एक-दो दिनों में औपचारिक घोषणा हो जाएगी।

उन्होंने आगे बताया कि महापालिका और जिला परिषद चुनाव साथ लड़ने की इच्छा कांग्रेस की भी है, लेकिन राज ठाकरे को लेकर कुछ आपत्तियां हैं। भाजपा को हराने के लिए सभी घटकों को साथ लाने की कोशिशें जारी हैं और अभी 72 घंटे का समय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपसी रिश्तों में किसी तरह की कड़वाहट नहीं है।

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