19 मार्च 2026 : उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक गरीब परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। भरथना क्षेत्र के महावीर नगर में रहने वाले 50 वर्षीय शिवपाल की मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर में आए सवा लाख रुपए के भारी-भरकम बिजली बिल और विभाग की अनसुनी के कारण वे गहरे सदमे में थे।
क्या है पूरा मामला?
मृतक शिवपाल एक छोटी सी चाय की दुकान चलाकर अपने परिवार का पेट पालते थे। उनकी बेटी के अनुसार, घर में पहले साधारण (पोस्टपेड) मीटर लगा था, जिसका बिल हर महीने 1200 से 1500 रुपए के बीच आता था। लेकिन जब से स्मार्ट मीटर लगा, परिवार की मुसीबतें शुरू हो गई। महज 6 महीने के भीतर विभाग ने 1 लाख 25 हजार रुपए का बिल भेज दिया।
दफ्तर के चक्कर काटते-काटते टूट गई सांसें
परिजनों का कहना है कि शिवपाल इस बिल को ठीक करवाने के लिए कई दिनों तक बिजली विभाग के दफ्तर के चक्कर काटते रहे। उन्होंने अधिकारियों से गुहार लगाई कि एक गरीब चायवाला इतना बिल कैसे भर सकता है, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। इसी मानसिक तनाव और दबाव के चलते मंगलवार रात उन्हें तेज हार्ट अटैक आया और उनकी जान चली गई।
बिजली दफ्तर बना संग्राम का अखाड़ा
शिवपाल की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने उनका शव सीधे भरथना स्थित बिजली विभाग के कार्यालय में ले जाकर रख दिया। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामा बढ़ता देख बिजली कर्मचारी दफ्तर में ताला लगाकर मौके से भाग खड़े हुए। बाद में पुलिस बल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर स्थिति को संभाला।
विभाग ने मानी तकनीकी खराबी
मामले के तूल पकड़ने पर बिजली विभाग के एसडीओ (SDO) दिलीप साहू ने स्वीकार किया कि मीटर में 1.25 लाख रुपए का बिल दिख रहा है, जो संभवतः किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ है। उन्होंने पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
