07 फरवरी 2026 : सरकारी सिस्टम की गंभीर खामी करनाल के सेक्टर-34 निवासी 70 वर्षीय रविंद्र के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। छह वर्ष पहले दिवंगत हो चुकी उनकी पत्नी सविता को सरकारी रिकॉर्ड में न केवल जीवित दिखाया गया, बल्कि उसके नाम 16 जिलों में पंजीकृत 90 वाहन दर्ज कर दिए गए। इस गड़बड़ी के चलते बुजुर्ग रविंद्र की वृद्धावस्था पेंशन पिछले दो महीनों से बंद पड़ी है।
रविंद्र के अनुसार उनकी पत्नी सविता की मृत्यु वर्ष 2019 में हो चुकी है, लेकिन परिवार पहचान पत्र (PPP) में उसे जीवित दर्शाते हुए बाइक, स्कूटी, कार और ट्रक समेत दर्जनों वाहन उसके नाम चढ़ा दिए गए। हैरानी की बात यह है कि कई वाहन उसकी मृत्यु के दो साल बाद वर्ष 2021 में खरीदे गए बताए जा रहे हैं।
16 जिलों के RTO रिकॉर्ड में दर्ज वाहन
पीपीपी रिकॉर्ड के अनुसार ये वाहन करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, हिसार, सिरसा, कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ़, रेवाड़ी, नारनौल सहित कुल 16 जिलों के आरटीओ कार्यालयों में दर्ज हैं। इतनी बड़ी संपत्ति दर्ज होने के कारण रविंद्र को ‘किरोड़पति’ श्रेणी में डाल दिया गया।
दो बार कट चुकी है पेंशन
रविंद्र ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले भी उनकी पेंशन सात महीनों तक बंद रही थी, जिसे बाद में बहाल किया गया। नवंबर 2025 से एक बार फिर पेंशन रोक दी गई। दिसंबर में बैंक पहुंचने पर उन्हें पता चला कि खाते में पेंशन नहीं आई है। इसके बाद समाज कल्याण कार्यालय में जानकारी लेने पर बताया गया कि परिवार पहचान पत्र में भारी संपत्ति दर्ज होने के कारण पेंशन रोकी गई है।
