महाराष्ट्र 16 जनवरी 2026 : राज्य की महापालिका चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान हुआ। उसी रात, झेडपी और पंचायत समिति चुनावों को लेकर सातारा में राजनीतिक हलचल शुरू हो गई। पालकमंत्री शंभूराज देसाई के निवास पर मदद और पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटील, सांसद नितीन पाटील और रामराजे नाइक-निंबाळकर के बीच देर रात तक चर्चा चली। भाजपा को बाहर रखकर हुई इस बैठक से महायुति के भीतर बेबनाम हालात सामने आए हैं। कराड तालुका में कांग्रेस और राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के बीच समझौते के संकेत भी मिल रहे हैं।
सातारा में पालकमंत्री शंभूराज देसाई और विधायक महेश शिंदे की मौजूदगी में गुरुवार दोपहर को शिवसैनिकों का सम्मेलन हुआ। इसके बाद उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि यदि घटक दल शिंदे गुट शिवसैनिकों का सम्मान करेंगे, तो महायुति के रूप में गठबंधन संभव है। बातचीत सफल रही तो संयुक्त रूप से चुनाव लड़ा जाएगा। यदि सम्मान नहीं मिला, तो शिवसेना स्वबळ पर या अन्य विकल्पों के साथ चुनाव लड़ेगी। महायुति न बनने पर शिवसेना स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी। राष्ट्रवादी (अजित पवार गुट) और भाजपा की ओर से अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है।
रात में भाजपा को बाहर रखकर शिवसेना और राष्ट्रवादी नेताओं की पालकमंत्री के निवास पर बंद कमरे में बैठक हुई। यह संकेत मिले हैं कि भारतीय जनता पार्टी को रोकने के लिए शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस संयुक्त चुनाव लड़ सकते हैं। कराड उत्तर में कांग्रेस और राष्ट्रवादी शरद पवार गुट के एकत्र आने के भी संकेत हैं।
बैठक में मदद और पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटील, राज्यसभा सांसद नितीन पाटील, विधान परिषद के सदस्य रामराजे नाइक-निंबाळकर और उनके भाई संजीवराजे नाइक-निंबाळकर मौजूद थे। बैठक के बाद बाहर निकलते समय रामराजे नाइक-निंबाळकर ने पत्रकारों से कहा, “पालकमंत्री का चाय मीठा था,” जो इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भाजपा को बाहर रखकर चुनाव लड़ने की तैयारी है।
