उल्हासनगर 20 जनवरी 2026 : उल्हासनगर महानगरपालिका चुनाव में शिवसेना और भाजपा के बराबर-बराबर पार्षद चुने जाने के कारण सत्ता की चाबी वंचित बहुजन आघाड़ी और कांग्रेस के हाथों में चली गई थी। लेकिन पिछले दो दिनों से ‘नॉट रीचेबल’ चल रहे वंचित के दो पार्षदों ने अब शिवसेना को आधिकारिक समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इससे 40 पार्षदों का समर्थन मिलने के साथ ही शिवसेना के लिए मेयर पद का रास्ता आसान हो गया है, जबकि 37 पार्षदों वाली भाजपा विपक्ष की बेंचों पर बैठेगी।
उल्हासनगर महानगरपालिका चुनाव के बाद से ही शिवसेना और भाजपा के बीच अंतिम नतीजे तक कड़ा मुकाबला देखने को मिला। 78 सीटों के नतीजों में भाजपा को 37 और शिवसेना को 36 सीटें मिली थीं। शिवसेना-साई गठबंधन के एक उम्मीदवार के कारण शिवसेना महायुति की संख्या 37 हो गई थी। इसके बाद एक निर्दलीय महिला पार्षद के शिवसेना में शामिल होने से यह संख्या बढ़कर 38 हो गई। इस चुनाव में वंचित के दो और कांग्रेस का एक पार्षद भी चुना गया था।
पिछले दो दिनों से सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के संपर्क में रहीं वंचित की पार्षद सुरेखा सोनावणे और विकास खरात ने मुंबई में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर शिवसेना को आधिकारिक समर्थन पत्र सौंपा।
वंचित को उपमेयर पद?
वंचित के पार्षदों ने बताया कि अपने-अपने प्रभागों के सर्वांगीण विकास और दलित बस्ती सुधार योजना के तहत रुके हुए विकास कार्यों को गति देने के लिए उन्होंने शिवसेना को समर्थन दिया है। ऐसे में सत्ता की अहम भूमिका निभाने वाली वंचित को उपमेयर पद समेत महत्वपूर्ण पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।
मेयर चुनाव की गतिविधियों में तेजी
मुंबई सहित राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में मेयर पद पर किसकी नियुक्ति होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इसी बीच नगर विकास विभाग ने इस संबंध में अहम घोषणा करते हुए बताया कि इन 29 महानगरपालिकाओं के लिए गुरुवार, 22 जनवरी को आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इससे मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इन महानगरपालिकाओं का होगा शामिल होना:
मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, मीरा-भायंदर, कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर, वसई-विरार, भिवंडी-निजामपुर, पनवेल, नासिक, अहिल्यानगर, मालेगांव, धुले, जलगांव, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, सांगली, कोल्हापुर, इचलकरंजी, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, जालना, लातूर और नांदेड।
