23 फरवरी 2026 : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में करीब 6.90 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि 51 लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से पर्सनल लोन लेकर यह ठगी की।
जांच में सामने आया कि इस पूरे रैकेट के पीछे येमनाथ नाईक राठोड, सद्दाम अली शेख और राजू नायके का हाथ है। राठोड केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में कार्यरत है और पहले कर्मचारियों की लोन फाइलें बैंक में ले जाता था, जिससे उसकी बैंक अधिकारियों से पहचान बन गई।
इसी का फायदा उठाते हुए अक्टूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच 51 फर्जी लोन फाइलें तैयार की गईं और करीब 6.90 करोड़ रुपये का लोन मंजूर करवा लिया गया। शुरुआत में आरोपियों ने कुछ महीनों तक EMI भरकर बैंक का भरोसा जीता, लेकिन बाद में खातों में सैलरी आना बंद हो गई और लोन डिफॉल्ट होने लगे, जिससे बैंक को शक हुआ।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने गेल (GAIL), भेल (BHEL), सेल (SAIL), ओएनजीसी (ONGC), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, बीएसएनएल और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जैसी बड़ी सरकारी कंपनियों के फर्जी आईडी कार्ड और सैलरी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया।
जब बैंक ने इन कंपनियों के मुंबई और हैदराबाद दफ्तरों से जांच की, तो पता चला कि 51 में से कोई भी व्यक्ति वहां कार्यरत नहीं था। इसके बाद पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
