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छात्रों के लिए राहत: शिक्षा विभाग ने स्कूलों को दिए नए निर्देश

पंजाब 28 फरवरी 2026 : चंडीगढ़ में स्कूली बच्चों पर बढ़ते भारी स्कूल बैग का बोझ अब कम किया जाएगा। बच्चों की सेहत और रीढ़ की हड्डी की समस्यओं को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। किसी भी विद्यार्थी का स्कूल बैग अब उसके शरीर के वजन के 10 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा। विभाग द्वारा सर्कुलर में साफ किया गया है कि सिर्फ प्रवानित सिलेबस में तय पाठ-पुस्तकें ही पढ़ाई जाएंगी। कोई भी स्कूल एक्स्ट्रा गाइडबुक, रेफरेंस बुक या वर्कबुक को जरुरी नहीं बनाएगा। 

स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे टाइमटेबल इस तरह बनाएं कि स्टूडेंट्स एक ही दिन में सभी सब्जेक्ट की किताबें न लाएं। क्लास के हिसाब से भी गाइडलाइन जारी की गई हैं। प्री-प्राइमरी और ग्रेड 1 और 2 को होमवर्क से बचने और कम से कम किताबों के साथ एक्टिविटी-बेस्ड लर्निंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। क्लास 3 से 5 को सब्जेक्ट के हिसाब से लिमिटेड किताबें रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि क्लास 6 से 8 को रोज का काम का बोझ कम करने के लिए सब्जेक्ट के हिसाब से टाइमटेबल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। 

हर स्कूल के लिए स्कूल बैग निगरानी कमेटी बनाना जरूरी 

जहां तक ​​हो सके क्लास 9 से 12 तक के बच्चों के लिए लॉकर की सुविधा देने और एक सही टाइमटेबल अपनाने पर जोर दिया गया है। स्कूलों को क्लासरूम में लॉकर या शेल्फ की सुविधा देने की भी सलाह दी गई है ताकि बच्चों को हर दिन घर से भारी किताबें न लानी पड़ें। इसके साथ ही, हर स्कूल के लिए स्कूल हेड की अगुवाई में एक स्कूल बैग मॉनिटरिंग कमेटी बनाना जरूरी कर दिया गया है। सर्कुलर के मुताबिक हर 15 दिन में कम से कम एक बार स्टूडेंट्स के बैग का वजन चेक किया जाएगा और एक लिखा हुआ रिकॉर्ड रखा जाएगा।

स्कूलों को 7 दिनों के अंदर ऑर्डर के पालन पर रिपोर्ट देने का निर्देश 

इस प्रोसेस में पेरेंट्स को शामिल करते हुए, स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे पेरेंट्स को तय नियमों के बारे में बताएं और उन्हें सलाह दें कि वे अपने बच्चों के बैग में गैर-जरूरी चीजें न भेजें। जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर ने सभी स्कूलों को 7 दिनों के अंदर इस ऑर्डर के पालन पर रिपोर्ट देने को कहा है। आदेश में साफ किया गया है कि ऑर्डर का उल्लंघन करने पर इसे गंभीरता से लिया जाएगा और नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जा सकती है।

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