नई दिल्ली 26 मार्च 2026 : भारतीय साहित्य के क्षेत्र में दिया जानेवाला प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान 22 साल बाद बांग्ला भाषा के लेखक रामकुमार मुखोपाध्याय की कृति ‘हर पार्वती कथा’ को प्रदान करने की घोषणा की गई है। इसके पहले 2004 में बांग्ला के लेखक सुनील कुमार गंगोपाध्याय को सरस्वती सम्मान प्रदान किया गया था।
केके बिड़ला फाउंडेशन के इस पुरस्कार में लेखक को 15 लाख रुपए की सम्मान राशि के साथ प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह दिया जाता है। रामकुमार मुखोपाध्याय की कृति हर पार्वती कथा का प्रकाशन वर्ष 2020 में हुआ था। हर पार्वती कथा शिव पार्वती की पौराणिक कथा को केंद्र में रखकर लिखा गया है। सम्मान के लिए चयन सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अर्जुन कुमार सीकरी की अध्यक्षता वाली 13 सदस्यीय समिति ने की।
शरत समिति के अध्यक्ष हैं मुखोपाध्याय
मुखोपाध्याय के अब तक नौ उपन्यास, 11 कहानी संग्रह, चार निबंध संग्रह, दो यात्रा वृत्तांत और 54 भाषाओं की 128 लोककथाओं का संकलन प्रकाशित हो चुके हैं। इसके पहले उनको बंकिमचंद पुरस्कार, सोमेन चंदा स्मृति पश्चिम बंग पुरस्कार, बांग्ला अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। फिलहाल वो शरत समिति के अध्यक्ष हैं।
