नई दिल्ली 02 अप्रैल 2026 : राउज एवेन्यू कोर्ट ने ग्रामीण बैंक घोटाले के मामले में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा सुनाई है। राजेंद्र भारती मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक हैं। कोर्ट ने इस मामले में दूसरे दोषी रघुबीर शरण प्रजापति को भी 3 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है। साथ ही, दोनों को अपील दायर करने के लिए एक महीने की जमानत दे दी है।
आपराधिक साजिश रची और जालसाजी की
इससे पहले बुधवार को राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारी को दोषी करार दिया था। अदालत ने पाया था कि आरोपित ने सह-आरोपितों के साथ मिलकर बैंक को धोखा देने के लिए आपराधिक साजिश रची और जालसाजी के जरिए लाभ उठाया है।
उच्च ब्याज दर पर राशि निकालना जारी रखा
मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने बुधवार को हुई सुनवाई में कहा था कि राजेंद्र भारती, बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति, सावित्री देवी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर एक आपराधिक साजिश के तहत जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक को ठगने की योजना बनाई। अदालत के अनुसार, तीन वर्ष की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) 2011 में समाप्त होने के बाद भी आरोपितों ने उच्च ब्याज दर पर राशि निकालना जारी रखा।
लाभ के लिए लगाए जाली दस्तावेज
अदालत ने पाया कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए बैंक के महत्वपूर्ण दस्तावेज में जालसाजी की गई। न्यायाधीश ने कहा कि दस्तावेज का यह फर्जीवाड़ा उसी योजना का हिस्सा था, जिसके जरिए बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। इसके आधार पर अदालत ने राजेंद्र भारती और सह-आरोपितों को आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, मूल्यवान दस्तावेजों की जालसाजी और जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने जैसे आरोपों में दोषी ठहराया।
एमपी में पहले से चल रही थी सुनवाई
अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि राजेंद्र भारती द्वारा लगाए गए राजनीतिक साजिश के आरोप साबित नहीं हो सके। न्यायाधीश ने कहा कि यह मामला वर्ष 1998 से 2011 के बीच की घटनाओं से जुड़ा है, जो राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से पहले का है, इसलिए इस तर्क में कोई दम नहीं है। इस मामले की सुनवाई पहले मध्य प्रदेश में चल रही थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इसे दिल्ली स्थानांतरित कर दिया था।
